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2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्पः प्रधानमंत्री

बुधवार को प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया कि हम 2047 तक भारत को विकसित बनाकर रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों एवं कड़ी मेहनत से ही हासिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान समाज के बँटवारे को देश के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। प्रधानमंत्री के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर…

बुधवार को प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया कि हम 2047 तक भारत को विकसित बनाकर रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों एवं कड़ी मेहनत से ही हासिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान समाज के बँटवारे को देश के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। प्रधानमंत्री के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार की उपलब्धियों की बात की। साथ ही, उन्होंने कहा कि जो बातें कभी असंभव लगती थीं, वे अब संभव हो गई हैं।

2026 में देखा गया सपना जरूर पूरा होगा

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम 2026 में विकसित भारत का जो सपना देख रहे हैं, वह जरूर पूरा होगा। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले हमारी आबादी 40 करोड़ थी, वहीं आज यह 140 करोड़ से भी अधिक है। ये 140 करोड़ नागरिक मिलकर 2047 तक विकसित भारत बनाएँगे। उन्होंने अपने संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि वह 2047 तक भारत को विकसित बनाकर रहेंगे।

वहीं दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि वोट बैंक के लिए समाज को बाँटना बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि विपरीत परिस्थितियाँ किसी जाति या समुदाय में भेद नहीं करतीं।

140 करोड़ भारतीयों की शक्ति पर है विश्वास

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति और सामर्थ्य पर अटूट विश्वास है। उन्होंने कहा, “मैं 25 साल के अनुभव के साथ कह सकता हूँ कि हम अपनी आँखों के सामने भारत का विकसित रूप देखेंगे। विकसित भारत बनाकर रहेंगे, दुनिया की तीन सर्वश्रेष्ठ अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर रहेंगे, आत्मनिर्भर बनकर रहेंगे, ओलंपिक की मेजबानी करेंगे और अंतरिक्ष में कदम रखेंगे।”
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुई विमान दुर्घटना का जिक्र किया और कहा कि जिस प्रकार मछार ने बहादुरी दिखाई और उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है, उसी प्रकार एक दिन भारत में बने विमानों की चर्चा भी पूरी दुनिया करेगी।

source – jansatta

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